सूरह 94 · मक्की · 8 आयतें
सूरह अश-शर्ह
सीना खोलना
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
-
1
أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ
Alam nashrah laka sadrak
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
-
2
وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ
Wa wa d'ana 'anka wizrak
और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
-
3
ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ
Allazee anqada zahrak
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
-
4
وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ
Wa raf 'ana laka zikrak
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
-
5
فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا
Fa inna ma'al usri yusra
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
-
6
إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا
Inna ma'al 'usri yusra
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
-
7
فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ
Fa iza faragh ta fansab
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
-
8
وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب
Wa ilaa rabbika far ghab
और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो
अरबी: तंज़ील का उस्मानी पाठ। अनुवाद और ऑडियो मुफ़्त Al Quran Cloud / Islamic Network सेवाओं से। तफ़सीर ओपन Tafsir API से।